कौन-कौन से छात्रों में प्रमोट
👇👇👇👇
लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रथम सेमेस्टर के छात्रों को प्रमोट करने के लिए पत्र लिख दिया है अब यूजीसी के द्वारा क्या फैसला लिया जाएगा यह बात पर निर्भर करता है कि सभी यूनिवर्सिटी इस बात पर सहमति जताते हैं कि केवल फर्स्ट सेमेस्टर वाले या फर्स्ट ईयर वालों को ही प्रमोट किया जाए या नहीं
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 15 मई तक की सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई है लेकिन अब हालात को मददेनजर रखते हुए मई के किसी भी सप्ताह में परीक्षा कराना संभव नहीं है अगर इसी तरीके से केस बढ़ते रहे तो परीक्षा कराना मुमकिन नहीं होगा और छात्रों को प्रमोट किया जाएगा लेकिन इसमें द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के छात्रों को प्रमट नहीं किया जाएगा उनकी परीक्षा अवश्य कराई जाएगी!!
सेकंड ईयर वालों को प्रमोट क्यों नहीं किया जाएगा
👇👇👇👇👇👇👇👇
सभी छात्रों के लिए यह जानना आवश्यक है कि सिर्फ फर्स्ट ईयर वालों को ही प्रमोट क्यों किया जाएगा द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष के छात्रों को प्रमोट क्यों नहीं किया जाएगा तो यूजीसी की गाइडलाइंस के अनुसार फर्स्ट ईयर वाले छात्र नये है और उनको अगले 2 साल में उनके नंबरों के आधार पर औसत अंक दिए जा सकते हैं लेकिन दित्तीय वर्ष को पहले से ही प्रमोट किया गया था और अब दोबारा से अगर प्रमोट किया जाए तो उनके अको पर बहुत बड़ा असर पड़ने वाला है जिससे उनकी डिग्री खराब हो सकती है तो इस वजह से द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष के एग्जाम कराने अनिवार्य है।
प्रमोशन का क्या है फार्मूला
जब किसी भी यूनिवर्सिटी के छात्रों को प्रमोट किया जाता है तो यह फैसला सिर्फ और सिर्फ यूजीसी लेता है यानी कि यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन जिसका मुख्यालय दिल्ली में है अगर यूजीसी प्रमोट करने की बात पर मंजूरी दे देता है तो सभी विश्वविद्यालय के बच्चों को प्रमोट किया जाएगा अन्यथा किसी भी छात्र को प्रमोट नहीं किया जाएगा सब की परीक्षा करानी अनिवार्य होगी अगर यूनिवर्सिटी अपने किसी भी छात्र को खुद से प्रमोट करती है तो उसकी डिग्री अमान्य मानी जाएगी यूजीसी ही सर्वोत्तम फैसला लेगा अगर यूजीसी बोलता है कि प्रमोट किया जाएगा तो छात्रों को प्रमोट किया जाएगा अन्यथा नहीं
1 Comments
Promote kro sir
ReplyDelete